google-site-verification=6xpALziFXrUirL6iqg4wCEjQhb3wObOmA8r1Kpa8SqQ Sip investing Archives - Investing setup.com ⚡iLet’s Grow TogetherStock market is not difficult, when you have sufficient knowledge. Investing and trading are fast earning per month easily. If you want to earn then learn first. Here I am sharing my 6 year Investing and trading experience with you & if you have any doubt then ask me…

इन्वेस्टिंग कैसे शुरूकरे .how to start investing

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Hi friends investing setup मैं आपका स्वागत है आज के समय में हर व्यक्ति चाहता है कि उसकी आमदनी के कई स्रोत हों आज की दुनिया में सिर्फ कमाना ही काफी नहीं है, हमें अपने पैसे को सही जगह पर लगाकर भविष्य सुरक्षित करना भी जरूरी है। यही काम “निवेश” (Investment) करता है।
अगर आप भी निवेश शुरू करना चाहते हैं लेकिन समझ नहीं पा रहे कि कहां से शुरुआत करें, तो यह लेख आपके लिए है। यहां हम आसान भाषा में बताएंगे कि निवेश क्या है, कैसे करें, कहां करें, और किन बातों का ध्यान रखें।

भाग 1: निवेश क्या है?

निवेश का मतलब है – अपने पैसे को किसी ऐसी जगह लगाना, जहां से भविष्य में आपको लाभ (फायदा) मिल सके।

जैसे

बैंक में FD करवाना

शेयर मार्केट में पैसा लगाना

म्यूचुअल फंड लेना

सोना या प्रॉपर्टी खरीदना

सरल शब्दों में: आज आप जो पैसा बचा रहे हैं, उसे इस तरह लगाना कि वह आगे चलकर आपको और ज्यादा पैसा बना कर दे।

भाग 2: निवेश की शुरुआत क्यों जरूरी है?

1. भविष्य की जरूरतें पूरी करने के लिए – जैसे बच्चों की पढ़ाई, शादी, रिटायरमेंट आदि।

2. महंगाई से लड़ने के लिए – आज जो चीज़ ₹100 की है, 10 साल बाद ₹200 की हो सकती है।

3. आपातकाल के लिए – बीमारी, नौकरी जाना, कोई और समस्या।

4. पैसे को बढ़ाने के लिए – पैसा बैंक में पड़ा-पड़ा बढ़ता नहीं, उसे काम पर लगाओ।

भाग 3: निवेश शुरू करने से पहले जरूरी बातें

1. अपनी आय और खर्च समझें

सबसे पहले जानें कि हर महीने आपकी कमाई (Income) और खर्च (Expenses) कितनी है।

जो पैसा बचता है, उसमें से एक हिस्सा निवेश के लिए रखें।

2. बजट बनाएं

अपनी प्राथमिकताएं तय करें: जरूरत बनाम चाहत।

हर महीने 20-30% तक बचत और निवेश के लिए अलग करें।

3. आपके लक्ष्य (Goals) क्या हैं?

आपका निवेश किसके लिए है? जैसे:

2 साल में बाइक खरीदनी है (शॉर्ट टर्म)

5 साल में घर लेना है (मिड टर्म)

20 साल बाद रिटायरमेंट फंड (लॉन्ग टर्म)

4. जोखिम उठाने की क्षमता समझें

हर इंसान की जोखिम उठाने की क्षमता अलग होती है।

कोई रिस्क नहीं चाहता तो FD, PPF सही है।

थोड़ी रिस्क ले सकते हैं तो म्यूचुअल फंड।

ज्यादा जोखिम उठा सकते हैं तो शेयर मार्केट।

भाग 4: निवेश के आसान तरीके – कहां और कैसे निवेश करें?

1. बैंक सेविंग अकाउंट / FD / RD

सबसे आसान और सुरक्षित तरीका।

लेकिन रिटर्न (Return) कम होता है (4%-7%)।

2. PPF (Public Provident Fund)

सरकार द्वारा चलाया गया सुरक्षित स्कीम।

15 साल की लॉकइन अवधि।

7-8% तक ब्याज।

टैक्स में छूट भी मिलती है (80C के तहत)।

3. म्यूचुअल फंड (Mutual Funds)

इसमें आपका पैसा कई शेयरों और बॉन्ड्स में लगाया जाता है।

SIP (Systematic Investment Plan) के ज़रिए आप ₹500 से भी शुरुआत कर सकते हैं।

रिस्क थोड़ा होता है, लेकिन लंबे समय में अच्छा रिटर्न मिलता है।

कैसे शुरुआत करें?

Groww, Zerodha, Paytm Money जैसे ऐप से।

KYC कराएं (आधार-पैन से)।

सही फंड चुनें (Large-cap या Balanced fund से शुरुआत करें)।

4. शेयर मार्केट (Stock Market)

इसमें कंपनियों के शेयर खरीदे जाते हैं।

रिस्क ज्यादा होता है, लेकिन रिटर्न भी ज्यादा हो सकता है।

सही जानकारी के बिना निवेश न करें।

कैसे शुरुआत करें?

Demat अकाउंट खोलें।

कुछ भरोसेमंद कंपनियों के शेयर खरीदें।

लंबे समय के लिए होल्ड करें।

5. सोना (Gold Investment)

फिजिकल गोल्ड (गहने) के बजाय अब Digital Gold, Gold ETF, Sovereign Gold Bond बेहतर विकल्प हैं।

यह महंगाई के समय में फायदेमंद होता है।

6. रियल एस्टेट (Property Investment)

ज्यादा पूंजी चाहिए।

किराया या प्रॉपर्टी की कीमत बढ़ने से फायदा मिलता है।

लेकिन खरीद-फरोख्त में समय लगता है।

भाग 5: निवेश की रणनीति – सही तरीका अपनाएं

1. जल्द शुरुआत करें

जितनी जल्दी निवेश शुरू करेंगे, कंपाउंडिंग का फायदा उतना ज्यादा मिलेगा।

उदाहरण:

अगर आप 25 साल की उम्र में हर महीने ₹2000 लगाते हैं, तो 60 साल तक यह ₹75-80 लाख बन सकता है।

2. धीरे-धीरे बढ़ाएं निवेश

जैसे-जैसे आपकी आय बढ़े, निवेश की रकम भी बढ़ाएं।

3. SIP – सबसे आसान तरीका

SIP में हर महीने छोटी राशि निवेश होती है।

मार्केट का उतार-चढ़ाव औसत हो जाता है।

4. लॉन्ग टर्म सोचें

जल्दी पैसा दोगुना नहीं होता।

निवेश का असली फायदा 5-10 साल या उससे ज्यादा में दिखता है।

5. अपनी योजना समय-समय पर जांचें

हर 6 महीने या 1 साल में अपने पोर्टफोलियो (Investment Plan) की समीक्षा करें।

जरूरत पड़ने पर बदलाव करें।

भाग 6: निवेश करते समय इन गलतियों से बचें

1. जल्दी अमीर बनने के चक्कर में पैसा गंवाना
शेयर मार्केट में शॉर्टकट नहीं होता।

2. बिना रिसर्च के निवेश करना
किसी की सलाह पर अंधा निवेश न करें।

3. सिर्फ एक ही जगह निवेश करना
हमेशा Diversification रखें (अलग-अलग साधनों में निवेश)।

4. इमरजेंसी फंड न रखना
पहले 3-6 महीने के खर्च का इमरजेंसी फंड ज़रूर बनाएं।

5. इमोशनल होकर निवेश करना
डर या लालच में आकर निर्णय न लें।

भाग 7: शुरुआती निवेशकों के लिए कुछ आसान सुझाव

टिप्स विवरण

₹500 से शुरुआत करें SIP से निवेश शुरू करें
मोबाइल ऐप का उपयोग करें Groww, Zerodha, Kuvera जैसे ऐप से
अपने गोल तय करें शॉर्ट/मिड/लॉन्ग टर्म
सीखते रहें YouTube, ब्लॉग, किताबें पढ़ें
धैर्य रखें निवेश समय मांगता है

निष्कर्ष↘️

निवेश कोई रॉकेट साइंस नहीं है। यह एक अच्छी आदत है जो आपको आर्थिक रूप से मजबूत बनाती है। जरूरी नहीं कि आप एक साथ बहुत ज्यादा पैसा लगाएं – थोड़ा-थोड़ा करके शुरू करें, सीखते रहें और समय के साथ बढ़ाते रहें।

याद रखें:
“पैसा कमाना जरूरी है, लेकिन पैसे को आपके लिए काम पर लगाना उससे भी ज्यादा जरूरी है।”

बोनस: निवेश शुरू करने के 5 आसान स्टेप्स

1. अपना खर्च और बचत देखें

2. हर महीने एक तय राशि निवेश के लिए तय करें

3. एक निवेश प्लेटफॉर्म चुनें (जैसे Groww)

4. KYC और बैंक लिंक करें

5. SIP से शुरुआत करें  अधिक जानकारी के लिए नीचे लेख दिया गया है उसे पर क्लिक करें

अगर आपको यह लेख पसंद आया हो और आप चाहते हैं कि मैं “निवेश के लिए बेस्ट ऐप्स” या “शुरुआती निवेशकों के लिए टॉप म्यूचुअल फंड्स” पर आर्टिकल लिखूं, तो बताएं।

आप निवेश के किस हिस्से के बारे में और गहराई से जानना चाहते हैं?

 

 
 

 

sip कैसे शुरू करें .how to start sip

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फ्रेंड्स जैसा कि आप जानते हैं  Investingsetup सभी इनफॉरमेशन जो फाइनेंशली फ्रीडम की तरफ ले जाता है इसलिए कोई भी लेख बड़े ध्यान पूर्वक  पढ़ें

SIP क्या है?

SIP यानी Systematic Investment Plan, एक ऐसा तरीका है जिससे आप थोड़े-थोड़े पैसे नियमित रूप से म्यूचुअल फंड में निवेश करते हैं। SIP बिल्कुल वैसे ही है जैसे आप हर महीने अपने मोबाइल या बिजली बिल का भुगतान करते हैं। फर्क सिर्फ इतना है कि इसमें आपका पैसा बढ़ता है। SIP में निवेश करने के लिए एक बार में बड़ी रकम की जरूरत नहीं होती — आप ₹500 से भी शुरुआत कर सकते हैं। यही इसकी सबसे बड़ी खासियत है।

 

SIP क्यों जरूरी है?

आइए पहले समझते हैं कि SIP क्यों करना चाहिए:

👉छोटे निवेश से बड़ा फंड बनता है

👉रिटर्न बैंक FD से ज्यादा मिल सकता है

👉मार्केट उतार-चढ़ाव से कम असर

👉डिसिप्लिन फाइनेंशियल हैबिट

👉लंबी अवधि में कंपाउंडिंग का फायदा

SIP शुरू करने से पहले ज़रूरी बातें

1. आपका निवेश लक्ष्य क्या है?

SIP शुरू करने से पहले आपको सोचना होगा कि आप क्यों निवेश करना चाहते हैं। जैसे:

👉बच्चों की पढ़ाई

👉घर खरीदना

👉रिटायरमेंट

👉विदेश यात्रा

👉शादी

2. कितनी राशि निवेश करनी है?

आपको अपनी मासिक आय और खर्च को देखकर तय करना चाहिए कि आप हर महीने कितनी राशि निवेश कर सकते हैं।

3. कितने साल के लिए निवेश करना है?

SIP का असर तभी दिखता है जब आप उसे लंबी अवधि तक चालू रखें — कम से कम 5 से 10 साल।

SIP शुरू करने के लिए ज़रूरी चीजें

  1. PAN कार्ड
  2. Aadhaar कार्ड
  3. बैंक अकाउंट (ऑटो डेबिट सुविधा होनी चाहिए)
  4. KYC (Know Your Customer) पूरा होना चाहिए
  5. मोबाइल नंबर और ईमेल ID

SIP कैसे शुरू करें? Step-by-step गाइड

अब बात करते हैं SIP कैसे शुरू करें, आसान भाषा में:

चरण 1: सही प्लेटफॉर्म या ऐप चुनें

SIP शुरू करने के लिए आपको किसी प्लेटफॉर्म की जरूरत होती है। आप इन जगहों से SIP शुरू कर सकते हैं:

  • Directly Mutual Fund कंपनी की वेबसाइट से (जैसे HDFC, ICICI, SBI)
  • Investment प्लेटफॉर्म से जैसे:
    • Groww
    • Zerodha Coin
    • Kuvera
    • Paytm Money
    • ET Money
    • Upstox
    • PhonePe

Groww या Zerodha जैसे ऐप पर KYC पूरा करके SIP शुरू करना बहुत आसान है।

चरण 2: अपना KYC पूरा करें

SIP शुरू करने से पहले KYC जरूरी है। अब ये ऑनलाइन हो जाता है:

  • PAN कार्ड और Aadhaar अपलोड करें
  • लाइव फोटो और वीडियो रिकॉर्ड करें
  • आधार OTP से वेरिफिकेशन करें

KYC पूरा होने के बाद ही आप SIP में निवेश कर सकते हैं।

चरण 3: म्यूचुअल फंड स्कीम चुनें

अब आपको वो फंड चुनना है जिसमें SIP करना है। इसके लिए ध्यान रखें:

  • फंड का उद्देश्य (Equity, Debt या Hybrid)
  • फंड का प्रदर्शन (Past Performance)
  • फंड मैनेजर का अनुभव
  • रिस्क लेवल (Low, Moderate, High)

कुछ लोकप्रिय फंड्स:

फंड का नाम प्रकार रिस्क लेवल
Axis Bluechip Fund Equity Moderate
HDFC Hybrid Equity Hybrid Moderate
Parag Parikh Flexi Cap Equity High
SBI Small Cap Fund Equity High
ICICI Prudential Balanced Advantage Hybrid Low to Moderate

चरण 4: SIP राशि और अवधि तय करें

अब आपको तय करना है:

  • मंथली कितनी राशि निवेश करेंगे? (₹500 से ₹10,000 या ज्यादा)
  • कितने साल तक SIP चलानी है? (5, 10, 15 साल आदि)

सुझाव: 10 साल या उससे अधिक समय तक SIP जारी रखने से कंपाउंडिंग का पूरा फायदा मिलेगा।

चरण 5: ऑटो डेबिट सुविधा चालू करें

आपको अपने बैंक अकाउंट से ऑटो डेबिट की अनुमति देनी होगी, जिससे हर महीने SIP की राशि अपने आप कट जाए।

  • ऐप में “Auto Pay” ऑप्शन होगा
  • एक बार सेट कर देने पर हर महीने आपको कुछ करने की जरूरत नहीं

चरण 6: SIP चालू करें और ट्रैक करें

अब आपका SIP शुरू हो चुका है। आप हर महीने ऐप में लॉगिन करके अपना निवेश देख सकते हैं।

  • निवेश कितने का हुआ
  • अब तक कितना रिटर्न आया
  • फंड की वर्तमान वैल्यू क्या है

SIP के फायदे (फिर से एक नज़र में)

फायदा विवरण
कम राशि से शुरुआत ₹500 से भी SIP शुरू हो सकती है
बाजार रिस्क कम नियमित निवेश से एवरेज रिटर्न
लंबी अवधि में बड़ा रिटर्न कंपाउंडिंग का जादू
डिसिप्लिन की आदत हर महीने नियमित निवेश
टैक्स बचत (ELSS SIP) ELSS फंड में SIP से 80C के तहत टैक्स छूट

SIP करते समय किन बातों का ध्यान रखें?

  1. लॉन्ग टर्म निवेश का नजरिया रखें
  2. बाजार गिरने पर SIP बंद न करें
  3. हर 6 महीने या 1 साल में रिव्यू करें
  4. फंड का परफॉर्मेंस देखें, जरूरत पड़े तो फंड बदलें
  5. इंफ्लेशन को ध्यान में रखते हुए SIP राशि बढ़ाएं

SIP Calculator का इस्तेमाल करें

SIP शुरू करने से पहले आप SIP Calculator का इस्तेमाल करके जान सकते हैं कि कितने साल में कितना पैसा बनेगा।

उदाहरण:

  • ₹2,000 की SIP
  • 12% अनुमानित रिटर्न
  • 15 साल की अवधि

👉 आपको मिलेगा ₹10+ लाख का फंड! (लगभग)

SIP के प्रकार

  1. Equity SIP – शेयर मार्केट में निवेश, High Return और High Risk
  2. Debt SIP – कम रिस्क, कम रिटर्न, फिक्स्ड इनकम वाले
  3. Hybrid SIP – Equity + Debt का मिश्रण, संतुलित रिस्क

ELSS SIP – टैक्स बचाने वाला SIP

ELSS यानी Equity Linked Saving Scheme, एक ऐसा म्यूचुअल फंड है जिसमें निवेश करके आप ₹1.5 लाख तक टैक्स बचा सकते हैं (सेक्शन 80C के तहत)। इसका लॉक-इन पीरियड 3 साल होता है।

SIP vs FD

तुलना SIP FD
रिटर्न 10-15% (अनुमानित) 5-7%
टैक्स छूट ELSS में नहीं
रिस्क Moderate to High Low
फ्लेक्सिबिलिटी ज्यादा कम

 

निष्कर्ष: क्या SIP सही है आपके लिए?

अगर आप:

  • हर महीने थोड़ी राशि निवेश कर सकते हैं
  • लंबे समय तक निवेश कर सकते हैं
  • अपने भविष्य को सुरक्षित बनाना चाहते हैं

तो SIP आपके लिए सबसे बेहतरीन विकल्प है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

Q1. SIP में ₹500 से शुरुआत कर सकते हैं?

answer. हां अधिकांश म्यूचुअल फंड में ₹500 से SIP शुरू की जा सकती है।

Q2. SIP में पैसे कब निकल सकते हैं?

answer .आप कभी भी पैसा निकाल सकते हैं (बिना लॉक-इन वाले फंड में)। ELSS में 3 साल का लॉक-इन होता है।

Q3. SIP में नुकसान हो सकता है?

answer .Equity में बाजार रिस्क होता है, लेकिन लंबे समय तक बने रहने पर नुकसान की संभावना कम हो जाती है।

Q4. क्या SIP सिर्फ ऑनलाइन ही हो सकती है.

answer .नहीं, आप ऑफलाइन भी एजेंट या बैंक के जरिए SIP शुरू कर सकते हैं।

अंतिम शब्द

SIP एक साधारण, सुरक्षित और स्मार्ट तरीका है भविष्य को संवारने का। आज ही ₹500 से शुरुआत करें, क्योंकि “जल्दी शुरू, ज्यादा फायदा” SIP का मूल मंत्र है।


अगर आप चाहें तो मैं आपके लिए एक SIP Calculator Tool भी बना सकता हूँ या SIP स्टार्ट करने के लिए Groww/ETMoney ऐप पर step-by-step walkthrough भी दे सकता हूँ। बताइए।