google-site-verification=6xpALziFXrUirL6iqg4wCEjQhb3wObOmA8r1Kpa8SqQ Investing kaise karen Archives - Investing setup.com ⚡iLet’s Grow TogetherStock market is not difficult, when you have sufficient knowledge. Investing and trading are fast earning per month easily. If you want to earn then learn first. Here I am sharing my 6 year Investing and trading experience with you & if you have any doubt then ask me…

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जैसा आप सभी जानते हैं | कि investing setup बिल्कुल जेनुइन इनफॉरमेशन प्रोवाइड करतl है | और मैं 2019 से इंवॉल्व हूं स्टॉक  मार्केट में इसी एक्सपीरियंस से  इन्वेस्टिंग और ट्रेडिंग और भी बहुत सरे ऑनलाइन अर्निंग से रिलेटेड आर्टिकल मिल जाएगा | जो फाइनेंशली फ्रीडम अचीव कर सकते हैं इसलिए  लेख को  ध्यान पूर्वक  से पढ़े .आज , अगर आप शेयर बाजार (Stock Market) में ट्रेडिंग या निवेश करते हैं, तो आपने “Price Action” शब्द जरूर सुना होगा। आजकल ज्यादातर प्रोफेशनल ट्रेडर्स बिना किसी भारी-भरकम इंडिकेटर्स के केवल Price Action Strategy का इस्तेमाल करके अच्छे मुनाफे कमाते हैं। लेकिन असली सवाल यह है कि आखिर यह Price Action Strategy होती क्या है? इसे कैसे समझें और कैसे अपने ट्रेडिंग प्लान में शामिल करें?

इस आर्टिकल में हम आपको शेयर बाजार मूल्य कार्रवाई रणनीति (Price Action Strategy in Stock Market) के बारे में पूरी जानकारी देंगे, वो भी आसान भाषा और उदाहरणों के साथ।

1.Price Action क्या है?

Price Action का सीधा मतलब है – शेयर के दामों की चाल (Price Movement) को समझकर ट्रेड करना।

यह एक ऐसी तकनीक है जिसमें हम चार्ट (Chart) को देखकर, उसके प्राइस मूवमेंट, पैटर्न और कैंडलस्टिक (Candlestick Patterns) का अध्ययन करते हैं और बिना ज्यादा Indicators पर भरोसा किए फैसले लेते हैं।

👉 आसान शब्दों में कहें तो – Price Action Strategy = “Chart पढ़ना + Price की Story समझना”।

 2.Price Action क्यों जरूरी है?

आज के समय में हज़ारों Technical Indicators मौजूद हैं – RSI, MACD, Bollinger Bands, Moving Average आदि। लेकिन इन सबकी जड़ Price ही है।

⚡हर Indicator प्राइस के हिसाब से ही सिग्नल देता है।

⚡Indicator हमेशा प्राइस के बाद प्रतिक्रिया करता है (lagging effect)।

⚡जबकि Price Action हमें सबसे पहले Market की असली चाल बताता है।

यानी अगर आप Price Action समझ लेते हैं, तो आपको Indicator पर ज्यादा निर्भर रहने की ज़रूरत नहीं होगी।

3.Price Action Strategy की मुख्य बातें

Price Action Strategy को समझने और इस्तेमाल करने के लिए कुछ ज़रूरी बातें होती हैं:

  1. Support और Resistance LevelsSupport वह लेवल होता है जहाँ शेयर गिरकर रुकने लगता है।
  2. Resistance वह लेवल होता है जहाँ शेयर ऊपर जाकर रुकने लगता है। 👉 Price Action में इन लेवल्स का बड़ा महत्व है।
  3. Trend (Trend पहचानना)Uptrend = जब प्राइस लगातार ऊपर की ओर जा रहा हो।
  4. Downtrend = जब प्राइस लगातार नीचे जा रहा हो।
  5. Sideways = जब प्राइस न ऊपर जाए, न नीचे – बल्कि एक रेंज में घूमे।
  6. Candlestick PatternsDoji, Hammer, Shooting Star, Engulfing आदि पैटर्न्स Price Action में अहम भूमिका निभाते हैं।
  7. ये पैटर्न हमें बताते हैं कि Buyers (खरीददार) मजबूत हैं या Sellers (बेचने वाले)।
  8. Breakouts और Fakeoutsजब प्राइस Resistance तोड़कर ऊपर निकलता है = Breakoutजब प्राइस Resistance तोड़कर तुरंत वापस आ जाता है = Fakeout
  9. Volume का महत्वअगर Breakout के समय Volume ज्यादा है = मजबूत Breakout
  10. अगर Volume कम है = कमजोर Breakout

3 .Price Action Strategy के प्रकार

Price Action Strategy को कई तरीकों से इस्तेमाल किया जाता है। आइए कुछ मशहूर स्ट्रैटेजी समझते हैं:

1. Trend Trading Strategy

⚡इसमें ट्रेडर केवल Trend के हिसाब से Buy या Sell करता है।

नियम:

⚡Uptrend → Buy on Dips

⚡Downtrend → Sell on Rise

उदाहरण: अगर Nifty 50 लगातार Uptrend में है और बीच-बीच में थोड़ा गिरता है, तो गिरावट पर खरीदकर बड़ा फायदा मिल सकता है।

2. Support & Resistance Strategy

⚡जब प्राइस Support पर आता है → Buy

⚡जब प्राइस Resistance पर आता है → Sell

उदाहरण: अगर Infosys का शेयर बार-बार ₹1500 पर Support ले रहा है, तो उस लेवल पर खरीदना अच्छा मौका हो सकता है।

3. Breakout Strategy

⚡जब प्राइस Resistance तोड़कर ऊपर निकले → Buy

⚡जब प्राइस Support तोड़कर नीचे निकले → Sell

उदाहरण: अगर Reliance ₹2500 के ऊपर क्लोज करता है और Volume ज्यादा है, तो इसमें Breakout Trading की जा सकती है।

4. Candlestick Pattern Strategy

⚡खास पैटर्न देखकर ट्रेड लेना।

⚡उदाहरण:

⚡Hammer → Reversal Signal (नीचे से ऊपर की ओर)

⚡Shooting Star → Reversal Signal (ऊपर से नीचे की ओर)

⚡Bullish Engulfing → Buyers की ताकत

⚡Bearish Engulfing → Sellers की ताकत

5. Range Trading Strategy

⚡जब शेयर Sideways मूवमेंट में हो।

⚡नियम:

⚡Range के नीचे → Buy

⚡Range के ऊपर → Sell

उदाहरण: अगर TCS 3200 से 3400 के बीच घूम रहा है, तो 3200 पर खरीदें और 3400 पर बेचें।

4.Price Action Strategy का सही इस्तेमाल कैसे करें?

  1. Market Structure समझें → पहले देखें Trend क्या है।
  2. Key Levels Mark करें → Support & Resistance की पहचान करें।
  3. Confirmation लें → Candlestick Pattern या Volume से पुष्टि करें।
  4. Risk Management करें → Stop Loss लगाना जरूरी है।
  5. Patience रखें → हर दिन ट्रेड जरूरी नहीं है, सही मौके का इंतज़ार करें।

5.Price Action Strategy के फायदे

✅ साफ-सुथरी रणनीति – ज्यादा Indicators की ज़रूरत नहीं। ✅ Market को उसके असली रूप में समझना आसान। ✅ किसी भी टाइमफ्रेम (1 min, 5 min, Daily, Weekly) पर काम करता है। ✅ Intraday, Swing और Positional ट्रेडिंग – हर जगह इस्तेमाल कर सकते हैं।

6. Price Action Strategy की सीमाएँ (Limitations)

❌ हर बार सटीक काम नहीं करती। ❌ Fake Breakouts में फंसने का खतरा रहता है। ❌ Beginners को शुरुआत में समझने में मुश्किल। ❌ Risk Management के बिना बड़ा नुकसान हो सकता है।

7.नए ट्रेडर्स के लिए सुझाव

⚡पहले छोटे Timeframe की बजाय Daily Chart पर अभ्यास करें।

⚡हर दिन 2-3 शेयर चुनें और उनकी Price Movement को Study करें।

⚡शुरुआत में Paper Trading करें (बिना असली पैसे के)।

⚡जब Confidence बने तभी असली पैसे से ट्रेड शुरू करें।

8.Real-Life Example (HDFC Bank Case Study)

मान लीजिए HDFC Bank का शेयर ₹1500 पर बार-बार गिरकर रुक रहा है। 👉 इसका मतलब है यह एक Strong Support है।

⚡अगर शेयर ₹1500 पर Hammer Candlestick बनाता है → Buy Signal

⚡Target = ₹1600 (Resistance Level)

⚡Stop Loss = ₹1475

इस तरह आप केवल Price Action देखकर अच्छा ट्रेड ले सकते हैं।

➡️ निष्कर्ष (Conclusion)

Price Action Strategy शेयर बाजार की सबसे सटीक और सरल ट्रेडिंग रणनीतियों में से एक है। इसमें हमें केवल Price Movement, Candlestick Patterns और Support-Resistance पर ध्यान देना होता है। अगर आप इसे अच्छे से सीख लेते हैं तो बिना किसी जटिल Indicator के भी आप Market की दिशा समझ सकते हैं।

👉 याद रखें –

🔥Price ही Market का असली Boss है।

🔥Indicators सिर्फ Price के बाद आने वाली जानकारी दिखाते हैं।

🔥अगर Price पढ़ना सीख गए, तो Market समझना आसान हो जाएगा।

इन्वेस्टिंग कैसे शुरूकरे .how to start investing

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Hi friends investing setup मैं आपका स्वागत है आज के समय में हर व्यक्ति चाहता है कि उसकी आमदनी के कई स्रोत हों आज की दुनिया में सिर्फ कमाना ही काफी नहीं है, हमें अपने पैसे को सही जगह पर लगाकर भविष्य सुरक्षित करना भी जरूरी है। यही काम “निवेश” (Investment) करता है।
अगर आप भी निवेश शुरू करना चाहते हैं लेकिन समझ नहीं पा रहे कि कहां से शुरुआत करें, तो यह लेख आपके लिए है। यहां हम आसान भाषा में बताएंगे कि निवेश क्या है, कैसे करें, कहां करें, और किन बातों का ध्यान रखें।

भाग 1: निवेश क्या है?

निवेश का मतलब है – अपने पैसे को किसी ऐसी जगह लगाना, जहां से भविष्य में आपको लाभ (फायदा) मिल सके।

जैसे

बैंक में FD करवाना

शेयर मार्केट में पैसा लगाना

म्यूचुअल फंड लेना

सोना या प्रॉपर्टी खरीदना

सरल शब्दों में: आज आप जो पैसा बचा रहे हैं, उसे इस तरह लगाना कि वह आगे चलकर आपको और ज्यादा पैसा बना कर दे।

भाग 2: निवेश की शुरुआत क्यों जरूरी है?

1. भविष्य की जरूरतें पूरी करने के लिए – जैसे बच्चों की पढ़ाई, शादी, रिटायरमेंट आदि।

2. महंगाई से लड़ने के लिए – आज जो चीज़ ₹100 की है, 10 साल बाद ₹200 की हो सकती है।

3. आपातकाल के लिए – बीमारी, नौकरी जाना, कोई और समस्या।

4. पैसे को बढ़ाने के लिए – पैसा बैंक में पड़ा-पड़ा बढ़ता नहीं, उसे काम पर लगाओ।

भाग 3: निवेश शुरू करने से पहले जरूरी बातें

1. अपनी आय और खर्च समझें

सबसे पहले जानें कि हर महीने आपकी कमाई (Income) और खर्च (Expenses) कितनी है।

जो पैसा बचता है, उसमें से एक हिस्सा निवेश के लिए रखें।

2. बजट बनाएं

अपनी प्राथमिकताएं तय करें: जरूरत बनाम चाहत।

हर महीने 20-30% तक बचत और निवेश के लिए अलग करें।

3. आपके लक्ष्य (Goals) क्या हैं?

आपका निवेश किसके लिए है? जैसे:

2 साल में बाइक खरीदनी है (शॉर्ट टर्म)

5 साल में घर लेना है (मिड टर्म)

20 साल बाद रिटायरमेंट फंड (लॉन्ग टर्म)

4. जोखिम उठाने की क्षमता समझें

हर इंसान की जोखिम उठाने की क्षमता अलग होती है।

कोई रिस्क नहीं चाहता तो FD, PPF सही है।

थोड़ी रिस्क ले सकते हैं तो म्यूचुअल फंड।

ज्यादा जोखिम उठा सकते हैं तो शेयर मार्केट।

भाग 4: निवेश के आसान तरीके – कहां और कैसे निवेश करें?

1. बैंक सेविंग अकाउंट / FD / RD

सबसे आसान और सुरक्षित तरीका।

लेकिन रिटर्न (Return) कम होता है (4%-7%)।

2. PPF (Public Provident Fund)

सरकार द्वारा चलाया गया सुरक्षित स्कीम।

15 साल की लॉकइन अवधि।

7-8% तक ब्याज।

टैक्स में छूट भी मिलती है (80C के तहत)।

3. म्यूचुअल फंड (Mutual Funds)

इसमें आपका पैसा कई शेयरों और बॉन्ड्स में लगाया जाता है।

SIP (Systematic Investment Plan) के ज़रिए आप ₹500 से भी शुरुआत कर सकते हैं।

रिस्क थोड़ा होता है, लेकिन लंबे समय में अच्छा रिटर्न मिलता है।

कैसे शुरुआत करें?

Groww, Zerodha, Paytm Money जैसे ऐप से।

KYC कराएं (आधार-पैन से)।

सही फंड चुनें (Large-cap या Balanced fund से शुरुआत करें)।

4. शेयर मार्केट (Stock Market)

इसमें कंपनियों के शेयर खरीदे जाते हैं।

रिस्क ज्यादा होता है, लेकिन रिटर्न भी ज्यादा हो सकता है।

सही जानकारी के बिना निवेश न करें।

कैसे शुरुआत करें?

Demat अकाउंट खोलें।

कुछ भरोसेमंद कंपनियों के शेयर खरीदें।

लंबे समय के लिए होल्ड करें।

5. सोना (Gold Investment)

फिजिकल गोल्ड (गहने) के बजाय अब Digital Gold, Gold ETF, Sovereign Gold Bond बेहतर विकल्प हैं।

यह महंगाई के समय में फायदेमंद होता है।

6. रियल एस्टेट (Property Investment)

ज्यादा पूंजी चाहिए।

किराया या प्रॉपर्टी की कीमत बढ़ने से फायदा मिलता है।

लेकिन खरीद-फरोख्त में समय लगता है।

भाग 5: निवेश की रणनीति – सही तरीका अपनाएं

1. जल्द शुरुआत करें

जितनी जल्दी निवेश शुरू करेंगे, कंपाउंडिंग का फायदा उतना ज्यादा मिलेगा।

उदाहरण:

अगर आप 25 साल की उम्र में हर महीने ₹2000 लगाते हैं, तो 60 साल तक यह ₹75-80 लाख बन सकता है।

2. धीरे-धीरे बढ़ाएं निवेश

जैसे-जैसे आपकी आय बढ़े, निवेश की रकम भी बढ़ाएं।

3. SIP – सबसे आसान तरीका

SIP में हर महीने छोटी राशि निवेश होती है।

मार्केट का उतार-चढ़ाव औसत हो जाता है।

4. लॉन्ग टर्म सोचें

जल्दी पैसा दोगुना नहीं होता।

निवेश का असली फायदा 5-10 साल या उससे ज्यादा में दिखता है।

5. अपनी योजना समय-समय पर जांचें

हर 6 महीने या 1 साल में अपने पोर्टफोलियो (Investment Plan) की समीक्षा करें।

जरूरत पड़ने पर बदलाव करें।

भाग 6: निवेश करते समय इन गलतियों से बचें

1. जल्दी अमीर बनने के चक्कर में पैसा गंवाना
शेयर मार्केट में शॉर्टकट नहीं होता।

2. बिना रिसर्च के निवेश करना
किसी की सलाह पर अंधा निवेश न करें।

3. सिर्फ एक ही जगह निवेश करना
हमेशा Diversification रखें (अलग-अलग साधनों में निवेश)।

4. इमरजेंसी फंड न रखना
पहले 3-6 महीने के खर्च का इमरजेंसी फंड ज़रूर बनाएं।

5. इमोशनल होकर निवेश करना
डर या लालच में आकर निर्णय न लें।

भाग 7: शुरुआती निवेशकों के लिए कुछ आसान सुझाव

टिप्स विवरण

₹500 से शुरुआत करें SIP से निवेश शुरू करें
मोबाइल ऐप का उपयोग करें Groww, Zerodha, Kuvera जैसे ऐप से
अपने गोल तय करें शॉर्ट/मिड/लॉन्ग टर्म
सीखते रहें YouTube, ब्लॉग, किताबें पढ़ें
धैर्य रखें निवेश समय मांगता है

निष्कर्ष↘️

निवेश कोई रॉकेट साइंस नहीं है। यह एक अच्छी आदत है जो आपको आर्थिक रूप से मजबूत बनाती है। जरूरी नहीं कि आप एक साथ बहुत ज्यादा पैसा लगाएं – थोड़ा-थोड़ा करके शुरू करें, सीखते रहें और समय के साथ बढ़ाते रहें।

याद रखें:
“पैसा कमाना जरूरी है, लेकिन पैसे को आपके लिए काम पर लगाना उससे भी ज्यादा जरूरी है।”

बोनस: निवेश शुरू करने के 5 आसान स्टेप्स

1. अपना खर्च और बचत देखें

2. हर महीने एक तय राशि निवेश के लिए तय करें

3. एक निवेश प्लेटफॉर्म चुनें (जैसे Groww)

4. KYC और बैंक लिंक करें

5. SIP से शुरुआत करें  अधिक जानकारी के लिए नीचे लेख दिया गया है उसे पर क्लिक करें

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